RESERVE BANK OF INDIA
- MADHU YADAV
- Feb 24
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Updated: Mar 1

स्थापना
भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत 1 अप्रैल को हुई। इसका केंद्रीय कार्यालय पहले कोलकाता में था, जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई स्थानांतरित किया गया। यहीं गवर्नर बैठते हैं और नीतियाँ निर्धारित होती हैं।
यद्यपि प्रारंभ में यह निजी स्वमित्व वाला था, 1949 में राष्ट्रीयकरण के बाद से इस पर भारत सरकार का प्रस्तावना
भारतीय रिज़र्व बैंक की प्रस्तावना में बैंक के मूल कार्य इस प्रकार वर्णित हैं:
"मौद्रिक स्थिरता के लिए बैंकनोटों का निर्गम विनियमित करना, प्रारक्षित निधि बनाए रखना, देश के हित में मुद्रा और ऋण प्रणाली संचालित करना, आधुनिक मौद्रिक नीति फ्रेमवर्क रखना, और वृद्धि के उद्देश्य से मूल्य स्थिरता बनाए रखना।"
केंद्रीय बोर्ड
रिज़र्व बैंक का कामकाज केंद्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित होता है। भारत सरकार भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम के अनुसार इस बोर्ड को नियुक्त करती है।
नियुक्ति/नामन चार वर्ष के लिए होता है
गठन
सरकारी निदेशक
पूर्ण-कालिक : गवर्नर और अधिकतम चार उप गवर्नर
गैर- सरकारी निदेशक
सरकार द्वारा नामित : विभिन्न क्षेत्रों से दस निदेशक और दो सरकारी अधिकारी
अन्य : चार निदेशक - चार स्थानीय बोर्डों से प्रत्येक से एक
कार्य : बैंक के क्रियाकलापों की देख रेख और निदेशन
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत नियुक्त/नामित निदेशक | ||
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम की धारा | क्र.सं. | नाम |
8 (1) (ए) | 1. | श्री संजय मल्होत्रागवर्नर |
2. | श्री टी. रबी शंकरउप गवर्नर | |
3. | श्री स्वामीनाथन जेउप गवर्नर | |
4. | डॉ. पूनम गुप्ताउप गवर्नर | |
5. | श्री शिरिश चन्द्र मुर्मूउप गवर्नर | |
8 (1) (बी) | 6. | |
7. | ||
8 (1) (सी) | 8. | |
9. | ||
10. | ||
11. | ||
12. | ||
13. | ||
8 (1) (डी) | 14. | |
15. | सुश्री अनुराधा ठाकुर | |



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